नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को
भारत के विदेशी फंडिंग कानून की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि
यह मामला देश का अंदरूनी मामला है जिस पर संसद
फैसला लेगी।
हर दो हफ़्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका समेत कई देश
विदेशी फंड और विदेशी फंडिंग को रेगुलेट करते हैं।
जायसवाल ने कहा, “आप जिस मुद्दे की बात कर रहे हैं, हमने उसे देखा है और उस पर कई टिप्पणियां की गई हैं। जहां तक
कानूनी मामलों की बात है, और खासकर भारत के अपने कानूनों से जुड़े मामलों की, तो यह हमारे लिए एक अंदरूनी
मामला है, जिस पर हमारी संसद फैसला लेती है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको यह भी बताना चाहूंगा कि दुनिया में अमेरिका समेत कई ऐसे देश हैं जो
विदेशी फंड और विदेशी फंडिंग को रेगुलेट करते हैं।”
यह बयान एक अमेरिकी सांसद द्वारा भारत के विदेशी फंडिंग कानून में प्रस्तावित संशोधनों की आलोचना करने के कुछ दिनों बाद आया है,
जिसमें आरोप लगाया गया था कि इनसे सरकार चर्चों और धार्मिक चैरिटी को अपने नियंत्रण में ले सकती है और चेतावनी दी गई थी कि यह मुद्दा
भारत-अमेरिका संबंधों पर असर डाल सकता है।
