घर-घर पहुंचकर पशुओं की जान बचा रही MVU, 1962 पर फोन करते ही घर पहुंचता है वेटरनरी क्लिनिक

पशुओं के लिए घर पर पहुंच रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट, 1962 पर कॉल करते ही मिलता है इलाज

मध्य प्रदेश में पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) एक बड़ी मदद साबित हो रही है। बीमार या घायल पशुओं को इलाज के लिए अस्पताल तक ले जाने की परेशानी अब काफी हद तक कम हो गई है। पशुपालक 1962 नंबर पर फोन करके अपने घर पर ही पशु चिकित्सकीय सेवा प्राप्त कर सकते हैं।

जबलपुर में इस सुविधा के जरिए बड़ी संख्या में पशुओं का इलाज किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में जिले में करीब 9446 पशुओं को इस सेवा का लाभ मिला है। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

हर घर और जिले तक पहुंच रही वेटरनरी सुविधा

गांवों में बड़ी संख्या में लोग गाय, भैंस, बकरी और अन्य पशु पालते हैं। कई बार पशु बीमार होने पर उन्हें अस्पताल तक ले जाना मुश्किल होता है। खासकर बड़े पशुओं को वाहन के जरिए अस्पताल पहुंचाना पशुपालकों के लिए खर्चीला और परेशानी वाला काम होता है।

मोबाइल वेटरनरी यूनिट ऐसे मामलों में सीधे पशुपालक के घर या उस स्थान पर पहुंचती है जहां पशु मौजूद है। इससे समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है और पशुपालकों को पशु को अस्पताल ले जाने की जरूरत कम पड़ती है।

1962 पर फोन करते ही मिलती है मदद

पशुपालक को अपने बीमार पशु के लिए 1962 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना होता है। सूचना मिलने के बाद मोबाइल वेटरनरी यूनिट को संबंधित स्थान पर भेजा जाता है। यूनिट में पशु चिकित्सक और जरूरी स्टाफ मौजूद रहता है, जो मौके पर पशु की जांच और उपचार करता है।

जरूरत पड़ने पर पशु को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की सलाह भी दी जा सकती है। इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।

इलाज के लिए जरूरी दवाएं भी उपलब्ध

मोबाइल यूनिट में पशुओं के इलाज के लिए जरूरी दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था रहती है। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल यूनिट में उपलब्ध दवाओं का इस्तेमाल ज्यादातर सामान्य उपचार में किया जाता है। यदि किसी विशेष दवा की जरूरत होती है तो पशुपालक को उसे बाहर से लेने की सलाह दी जा सकती है।

गाय-भैंस और छोटे पशुओं का भी इलाज

मोबाइल वेटरनरी यूनिट में गाय और भैंस जैसे बड़े पशुओं के साथ-साथ बकरी और अन्य पशुओं का भी इलाज किया जाता है। जबलपुर जिले में इस सेवा के जरिए बड़ी संख्या में पशुओं को उपचार मिल चुका है।

यह सुविधा खास तौर पर उन पशुपालकों के लिए उपयोगी है, जिनके लिए पशु को लेकर अस्पताल पहुंचना आसान नहीं होता। घर पर ही डॉक्टर की सुविधा मिलने से समय और मेहनत दोनों की बचत होती है।

मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जरिए पशु चिकित्सा सेवाओं को गांवों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। 1962 हेल्पलाइन के माध्यम से पशुपालक जरूरत के समय इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

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