ग्वालियर जू में जल्द ही एक नया मेहमान देखने को मिलेगा। सफेद टाइगर के बदले हैदराबाद जू से रॉयल बंगाल टाइगर ग्वालियर लाया जाएगा। दोनों चिड़ियाघरों के बीच जानवरों की अदला-बदली के तहत यह फैसला लिया गया है। इससे ग्वालियर जू में वन्यजीवों की विविधता बढ़ने की उम्मीद है।
ग्वालियर में जल्द दिखेगा नया मेहमान
ग्वालियर जू में अभी सफेद बाघ मौजूद है, लेकिन अब यहां रॉयल बंगाल टाइगर भी नजर आएगा। इसके लिए हैदराबाद जू के साथ वन्यजीव एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके तहत ग्वालियर जू से एक व्हाइट टाइगर हैदराबाद भेजा जाएगा और उसके बदले रॉयल बंगाल टाइगर ग्वालियर लाया जाएगा।
इस एक्सचेंज का उद्देश्य दोनों चिड़ियाघरों में वन्यजीवों की बेहतर देखभाल के साथ अलग-अलग प्रजातियों के संरक्षण और प्रजनन को बढ़ावा देना है।
व्हाइट टाइगर के बदले आएगा रॉयल बंगाल टाइगर
जानकारी के अनुसार, ग्वालियर जू से व्हाइट टाइगर को हैदराबाद भेजने की तैयारी है। इसके बदले वहां से रॉयल बंगाल टाइगर को ग्वालियर लाया जाएगा। दोनों जू प्रबंधन के बीच इस प्रक्रिया को लेकर जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
रॉयल बंगाल टाइगर के ग्वालियर पहुंचने के बाद जू में आने वाले पर्यटकों को एक नया आकर्षण देखने को मिलेगा। टाइगर को रखने के लिए जू परिसर में जरूरी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
वन्यजीवों के संरक्षण में मददगार होगा एक्सचेंज
जानवरों की अदला-बदली चिड़ियाघरों में वन्यजीवों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इससे अलग-अलग जू में मौजूद प्रजातियों के बीच आनुवंशिक विविधता बनाए रखने में मदद मिलती है।
ग्वालियर जू प्रबंधन का प्रयास है कि यहां मौजूद वन्यजीवों को बेहतर वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। नए रॉयल बंगाल टाइगर के आने से जू की पहचान और आकर्षण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जल्द शुरू होगी नई व्यवस्था
ग्वालियर जू में रॉयल बंगाल टाइगर को लाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पर्यटकों को जल्द ही नया मेहमान देखने को मिल सकता है। वहीं व्हाइट टाइगर को भी हैदराबाद जू में बेहतर देखरेख के लिए भेजा जाएगा।
इस वन्यजीव एक्सचेंज से दोनों चिड़ियाघरों को फायदा होने के साथ वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
