आपके चेहरे से जुड़ी उम्र, डर और गुस्सा पहचान सकता है आपका डॉग, Brain Scan में वैज्ञानिकों को मिला सबूत

कुत्तों और इंसानों के बीच रिश्ता बेहद खास माना जाता है। अक्सर देखा जाता है कि पालतू कुत्ते अपने मालिक के मूड में होने वाले बदलाव को जल्दी समझ लेते हैं। अब वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में भी इस बात के संकेत मिले हैं कि कुत्ते इंसानों के चेहरे और भावनाओं को केवल देखकर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने Brain Scan की मदद से यह समझने की कोशिश की कि जब कुत्तों को इंसानों के अलग-अलग चेहरे और भाव दिखाए जाते हैं, तो उनके दिमाग में किस तरह की गतिविधि होती है। रिसर्च के दौरान सामने आए निष्कर्ष बताते हैं कि कुत्तों का दिमाग इंसानों के चेहरे और भावनात्मक संकेतों को समझने के लिए खास तरह की प्रतिक्रिया दे सकता है।

कुत्ते चेहरे के भाव को कैसे समझते हैं?

कुत्तों में सूंघने की क्षमता बेहद मजबूत होती है, लेकिन इंसानों के साथ लंबे समय से रहने के कारण वे हमारी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के भावों को भी समझना सीखते हैं। मालिक के खुश होने, परेशान होने या गुस्से में होने पर कुत्ते का व्यवहार बदलता हुआ देखा जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने इसी क्षमता को समझने के लिए कुत्तों के दिमाग की गतिविधियों का अध्ययन किया। Brain Scan के जरिए यह देखने की कोशिश की गई कि अलग-अलग चेहरे देखने के दौरान उनके दिमाग के कौन से हिस्से सक्रिय होते हैं।

गुस्से और डर वाले चेहरे पर भी प्रतिक्रिया

रिसर्च में कुत्तों को अलग-अलग भावनाओं वाले इंसानी चेहरे दिखाए गए। इनमें सामान्य, खुश, गुस्से और डर जैसे भाव शामिल थे। इन चेहरों को देखने के दौरान कुत्तों के दिमाग में होने वाली गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, कुत्ते इंसानों के चेहरे पर मौजूद भावनात्मक संकेतों को पहचानने की क्षमता रखते हैं। यही वजह हो सकती है कि कई बार कुत्ते अपने मालिक के मूड में बदलाव आते ही अपना व्यवहार बदल लेते हैं।

उम्र से जुड़े संकेत भी समझ सकते हैं

कुत्तों की इंसानों को पहचानने की क्षमता केवल चेहरे के भाव तक सीमित नहीं हो सकती। रिसर्च में इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि अलग-अलग उम्र के लोगों के चेहरों को देखकर कुत्ते किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कुत्ते इंसानों की उम्र को बिल्कुल उसी तरह समझते हैं जैसे इंसान समझते हैं। वे चेहरे की बनावट, आवाज, बॉडी लैंग्वेज और दूसरे संकेतों के आधार पर अलग-अलग लोगों को पहचान सकते हैं।

मालिक के मूड को जल्दी समझ लेते हैं कुत्ते

पालतू कुत्तों के व्यवहार में अक्सर देखा जाता है कि वे अपने मालिक की भावनाओं के प्रति संवेदनशील होते हैं। अगर मालिक परेशान हो तो कुत्ता उसके पास आकर बैठ सकता है, जबकि खुशी के माहौल में वह ज्यादा सक्रिय नजर आ सकता है।

इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि इंसानों के साथ रहने के दौरान कुत्तों ने हमारे व्यवहार और संचार के कई संकेतों को समझना सीख लिया है। लगातार साथ रहने से कुत्ते अपने मालिक की आवाज, चेहरे के भाव और शरीर की गतिविधियों को पहचानने लगते हैं।

Brain Scan से मिली नई जानकारी

Brain Scan जैसी तकनीक वैज्ञानिकों को जानवरों के दिमाग की गतिविधियों को समझने में मदद करती है। इस तरह के अध्ययन से यह जानने की कोशिश की जाती है कि कुत्ते अपने आसपास की दुनिया और इंसानों से मिलने वाले संकेतों को किस तरह प्रोसेस करते हैं।

यह रिसर्च इंसान और कुत्ते के बीच संबंधों को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि हजारों सालों से इंसानों के साथ रहने के दौरान कुत्तों की सामाजिक और भावनात्मक समझ किस तरह विकसित हुई।

कुल मिलाकर, वैज्ञानिकों की यह स्टडी इस बात की ओर इशारा करती है कि कुत्ते इंसानों के चेहरे और भावनात्मक संकेतों को समझने में हमारी उम्मीद से कहीं ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। यही वजह है कि वे कई बार बिना किसी शब्द के भी अपने मालिक के मूड में बदलाव को पहचान लेते हैं।

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