गाजियाबाद में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर और उनकी पत्नी को करीब 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर रखा। इस दौरान आरोपियों ने दंपती से करीब 2.20 करोड़ रुपये ठग लिए।
बताया जा रहा है कि ठगों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर दंपती से संपर्क किया था। आरोपियों ने उन्हें एक गंभीर मामले में फंसने का डर दिखाया और कहा कि उनके बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसके बाद दोनों को लगातार वीडियो कॉल पर रहने और किसी से संपर्क नहीं करने के लिए कहा गया।
ठगों ने दंपती को इस कदर डराया कि वे कई दिनों तक आरोपियों के निर्देशों का पालन करते रहे। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। डर के कारण दंपती ने करीब 2.20 करोड़ रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए।
कई दिनों तक ठगों के संपर्क में रहने के बाद जब दंपती को पूरे मामले पर शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब उन बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए रकम आरोपियों तक पहुंची। साथ ही साइबर ठगों की पहचान करने और रकम को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराता है और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा इस तरह डिजिटल अरेस्ट करके पैसे जमा कराने की प्रक्रिया नहीं होती।
