ट्रेन में खराब खाने की शिकायतों पर IRCTC की कार्रवाई, रेल मंत्री ने संसद में बताया पूरा ब्यौरा
ट्रेन में यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसी मुद्दे पर रेल मंत्री ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि खराब या घटिया भोजन की शिकायत मिलने पर IRCTC की ओर से संबंधित सेवा प्रदाताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
रेल मंत्री के अनुसार, यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। शिकायत मिलने पर संबंधित कैटरिंग सेवा की जांच की जाती है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना समेत अन्य कार्रवाई की जाती है।
शिकायत मिलने पर होती है जांच
ट्रेन में भोजन को लेकर शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामले की जांच की जाती है। इसमें खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच शामिल होती है।
रेलवे और IRCTC की ओर से कैटरिंग सेवाओं की निगरानी के लिए अलग-अलग स्तर पर निरीक्षण भी किए जाते हैं। यात्रियों से मिली शिकायतों के आधार पर सेवा में सुधार करने के निर्देश भी दिए जाते हैं।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई
रेल मंत्री ने बताया कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले कैटरिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। गंभीर मामलों में जुर्माना लगाने से लेकर संबंधित सेवा प्रदाता के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता पर लगातार निगरानी रखी जाती है।
यात्रियों की शिकायतों पर नजर
यात्री ट्रेन में भोजन की गुणवत्ता या कैटरिंग सेवा से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत संबंधित रेलवे माध्यमों के जरिए दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के आधार पर संबंधित विभाग मामले की जांच करता है और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
रेल मंत्री की ओर से दिए गए आंकड़ों में पिछले तीन वर्षों के दौरान खराब खाने और कैटरिंग सेवाओं से जुड़ी शिकायतों पर हुई कार्रवाई का विवरण भी साझा किया गया। इससे साफ है कि रेलवे यात्रियों की शिकायतों के आधार पर सेवा प्रदाताओं पर कार्रवाई कर रहा है और खाने की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।
